बिजनौर में मां के अधजले शव के पास मिली डेढ़ साल की मासूम, पुलिस ने बताई पूरी कहानी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नूरपुर क्षेत्र से बुधवार को सामने आई एक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। गन्ने के खेत के किनारे एक महिला का अधजला शव पड़ा मिला और उसके पास करीब डेढ़ साल की मासूम बच्ची बैठी मिली। बच्ची जिंदा थी, लेकिन अपनी मां के शव के पास बैठी रो रही थी। इतनी छोटी उम्र की बच्ची शायद यह समझ भी नहीं पा रही थी कि उसके सामने पड़ी उसकी मां अब कभी उठकर उसे गोद में नहीं लेगी।
घटना नूरपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर ऐडवा गांव के पास की बताई जा रही है। बुधवार सुबह ग्रामीण जब वहां से गुजर रहे थे, तब उन्होंने गन्ने के खेत के किनारे महिला का अधजला शव देखा। शव के पास ही बच्ची मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अधजले शव के पास बैठी थी मासूम
घटनास्थल का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। महिला का शरीर आग से काफी हद तक झुलस चुका था और पास में उसकी मासूम बच्ची मौजूद थी। मौके पर पहुंची महिलाओं ने बच्ची को संभाला और उसे गोद में लेकर शांत कराने की कोशिश की। बच्ची काफी डरी हुई थी और लगातार रो रही थी। बाद में पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृत महिला की उम्र करीब 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस उसकी पहचान सुनिश्चित नहीं कर सकी थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों और दूसरे जिलों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की भी जानकारी जुटा रही है, ताकि महिला की पहचान हो सके।
पुलिस को हत्या की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। कुछ रिपोर्टों में महिला की हत्या गला दबाकर किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके बाद शव को गन्ने के खेत में लाकर जलाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कौन थी, वह घटनास्थल तक कैसे पहुंची और उसके साथ आखिर हुआ क्या था।
SP ने बताई खौफनाक आशंका
बिजनौर के एसपी केके बिश्नोई भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार एसपी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि महिला को आग लगाने के बाद संभवतः गन्ने के पूरे खेत में आग फैलाने की योजना रही होगी। पुलिस की आशंका है कि यदि खेत में आग फैल जाती तो महिला के साथ उसकी बच्ची की भी जान जा सकती थी।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गन्ने के खेत में आग फैल नहीं सकी और इसी वजह से मासूम बच्ची जीवित बच गई। बाद में वह अपनी मां के अधजले शव के पास बैठी मिली। यह पहलू पुलिस की जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहला सवाल महिला की पहचान को लेकर है। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि महिला कहां की रहने वाली थी। दूसरा सवाल यह है कि महिला को घटनास्थल तक कौन लेकर आया था। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उसकी हत्या किसने और क्यों की।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्ची घटनास्थल पर किस परिस्थिति में पहुंची और घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
“जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...” हुआ चरितार्थ
इस घटना को देखकर प्रसिद्ध कहावत याद आती है—
इस कहावत का अर्थ है कि जिसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस घटना में भी पुलिस की शुरुआती आशंका के अनुसार यदि गन्ने के खेत में आग फैल जाती तो बच्ची की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता था। लेकिन आग पूरे खेत में नहीं फैल सकी और मासूम बच्ची जीवित बच गई।
हालांकि इस कहावत को घटना के कानूनी या जांच संबंधी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल उस परिस्थिति को व्यक्त करने का एक भावनात्मक उदाहरण है, जिसमें इतनी छोटी बच्ची गंभीर खतरे के बीच भी सुरक्षित बच गई।
पोस्टमार्टम और जांच से खुलेगा राज
फिलहाल महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस फोरेंसिक साक्ष्यों, आसपास के लोगों की जानकारी और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सबसे पहले पुलिस महिला की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद उसके परिवार, परिचितों और हाल की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाना जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही उस व्यक्ति या लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिनकी इस घटना में कथित भूमिका हो सकती है।
फिलहाल इस दर्दनाक घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर वही है—एक मासूम बच्ची, जो अपनी मां के पास बैठी थी और शायद उसे यह भी नहीं मालूम था कि उसकी दुनिया हमेशा के लिए बदल चुकी है। जांच पूरी होने और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

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