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पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बंधक संकट, पुलिस कार्रवाई में आरोपी की मौत

हत्याकांड मे 5 लोगों की मौत, पूरे इलाके मे सनसनी 


आजमगढ़।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 22 सितंबर की शाम हुई गोलीबारी की घटना के बाद करीब आठ घंटे तक चले पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन ने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस के  रिपोर्ट के अनुसार अरविंद सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा कराने आए दो पुजारियों को गोली मार दी। इसके बाद वह अपने बच्चों के साथ घर के अंदर चला गया और बच्चों को बंधक जैसी स्थिति में रखा। बाद में पुलिस कार्रवाई के दौरान अरविंद घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके 8 वर्षीय बेटे की भी गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हुई।

घटना की शुरुआत घर में चल रही पूजा के दौरान विवाद से बताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पूजा कराने आए पुजारियों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि घटना के पूरे कारण और विवाद की परिस्थितियों की पुलिस जांच जारी है, इसलिए इस वजह को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।

पुलिस को सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घर के अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी।

रिपोर्टों के अनुसार आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद था और उसके पास हथियार था। पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक उसे समझाने और आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने का प्रयास किया। परिवार के लोगों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि बातचीत के जरिए स्थिति को शांत किया जा सके।

लगभग सात घंटे तक बातचीत और समझाने की कोशिश के बाद भी आरोपी बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार इसी दौरान घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया।

स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार कमरे में प्रवेश से पहले स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद पुलिस और एसओजी की टीम ने घर के अंदर प्रवेश किया।

पुलिस का दावा है कि अंदर पहुंचने के बाद अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस के अनुसार उसे चेतावनी दी गई और आत्मसमर्पण के लिए कहा गया, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई। इसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां लगभग 3:30 बजे उसकी मौत होने की जानकारी दी गई।

बेटे की भी मौत

इस पूरे घटनाक्रम में अरविंद के 8 वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार बच्चे को भी गोली लगी थी और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के बाद के बयान में बताया गया कि बच्चे को अरविंद ने गोली मारी थी। शुरुआती चरण में बच्चे को गोली कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं था और इसे जांच का विषय बताया गया था।

घर में मौजूद बाकी बच्चों को पुलिस ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दो अन्य बच्चों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई।

पांच लोगों की मौत

इस घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें अरविंद की पत्नी बबीता सिंह, दो पुजारी, अरविंद सिंह और उसका 8 वर्षीय बेटा शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की जांच जारी है।

पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। विशेष रूप से यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल पर गोलीबारी किस क्रम में हुई और अलग-अलग लोगों को गोली लगने की परिस्थितियां क्या थीं। इस संबंध में आगे की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट से अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

घटना ने उठाए कई सवाल

यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शुरुआत में तीन लोगों की हत्या के बाद बच्चों के बंधक बनाए जाने की स्थिति पैदा हुई और पुलिस को लंबे समय तक बातचीत करनी पड़ी। पुलिस के सामने एक तरफ आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने और दूसरी तरफ बच्चों को सुरक्षित निकालने की चुनौती थी।

फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। घटना के कारण, गोलीबारी का पूरा क्रम और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। उपलब्ध पुलिस बयानों के अनुसार करीब आठ घंटे चले ऑपरेशन का अंत आरोपी और उसके 8 वर्षीय बेटे की मौत के साथ हुआ, जबकि बाकी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा का बयान 

वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया की आरोपी अरविन्द से करीब 6 से 7 घंटे तक समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह बंधक बच्चों को छोड़ दे लेकिन वह छोड़ने को तैयार नहीं हुआ । उसके बाद अंदर से गोली चलने की आवाज आई जिसमे उसने अपने ही 10 साल के बच्चे को गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद पुलिस द्वारा जवाबी कार्यवाही मे घर प्रवेश कर फ़ाइरिंग की गई जिसमे आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया जिससे उसकी भी मौत हो गई। उन्होंने बताया की फिलहाल जांच जारी है जांच के बाद ही घटना की जानकारी मिल सकेगी । 

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