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कांग्रेस ने लगाया वित्तीय अनियमितता का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

नई दिल्ली/अयोध्या –अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दी गई गाढ़ी कमाई और अनमोल श्रद्धा पर बड़े पैमाने पर डाका डालने का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश है । 'चंदा चोरी' के इस बड़े घोटाले ने न केवल रामभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा पर भारी नैतिक संकट खड़ा कर दिया है । विपक्षी दलों का आरोप है कि जिन हाथों में रामकाव्य की पवित्र सेवा की कमान होनी चाहिए थी, वे आज इस महाघोटाले के साये में हैं और दोषियों को सत्ता का पूरा संरक्षण मिल रहा है ।

'शिला पूजन' से शुरू हुई थी चोरी?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा चोरी का यह सिलसिला नया नहीं है, बल्कि 1980 के दशक में 'शिला पूजन' के समय से ही शुरू हो गया था । तिवारी ने आरोप लगाया कि यह चोरी पूर्व महासचिव चंपत राय के कार्यकाल में 'संस्थागत' हो गई थी । उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता चोर है, लेकिन जितने भी चंदा चोर हैं, वे सभी भाजपा में हैं" ।

क्या है पूरा मामला?

विवाद तब गहराया जब राम मंदिर के दान बक्सों से करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये के गबन की बात सामने आई । शुरुआती जांच में पता चला कि दान गिनने वाले कर्मचारी व्यवस्थित तरीके से पैसे चुरा रहे थे, जिन्हें सीसीटीवी फुटेज में अपने कपड़ों में नोट छिपाते हुए कैद किया गया । इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की, जिसमें 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया । हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि इस जांच में केवल 'छोटी मछलियों' को पकड़ा गया है, जबकि 'बड़े खिलाड़ियों' को बचाया जा रहा है ।

'बड़े नाम बख्श दिए गए': अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में 'बड़े नामों' को बचा लिया गया, जबकि साधारण कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया । उन्होंने कहा कि भाजपा के मन में लालच हावी है और गरीब लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है ।
कांग्रेस ने PM मोदी को लिखा पत्र
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की है । उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में 'सैकड़ों करोड़' रुपये का गबन हुआ है और यह हिंदू धर्म और आस्था के साथ 'बड़ा विश्वासघात' है । वेणुगोपाल ने कहा कि जांच एजेंसियां सबूत मिटाने में लगी हैं और जांच में पारदर्शिता नहीं है ।

क्या कहते हैं भाजपा के नेता?

इस मामले पर जहां विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है । भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अगर मामला सही नहीं है तो फिर चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारियों ने क्यों इस्तीफा दिया ?

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का हमला

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान जहां पीएम ने पूरा 'आध्यात्मिक केंद्र' बनकर काम किया, वहीं अब इस घोटाले पर वे चुप क्यों हैं ? वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 'राम रक्षा आंदोलन' की घोषणा करते हुए कहा कि चंदे की चोरी भाजपा द्वारा विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए भी की जा रही है ।

सड़क से संसद तक गूंजे नारे

इस मामले को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। सपा सांसदों ने राम मंदिर का एक डोनेशन बॉक्स लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें अखिलेश यादव ने भी 'चंदा' चढ़ाकर मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष किया । कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करते नजर आए ।



रिपोर्ट: लोकवाणी न्यूज डेस्क

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