ग्राम पंचायत में कितना पैसा आया और कहां खर्च हुआ? ऐसे देखें अपने गांव का पूरा हिसाब
न्यूज डेस्क :- हर जागरूक नागरिक ये जानने के लिए उत्सुक राहत है कि मेरे ग्राम पंचायत मे ग्राम प्रधान द्वारा जो कार्य किया जा रहा है या फिर किया गया है उसमे कितना पैसा लगा है और कितने का बजट था, लेकिन जानकारी के अभाव मे वह ये सब नहीं जान पाता । आज का मेरा ये पोस्ट खासकर उन्ही के लिए है । मेरे इस न्यूज से आपको न केवल इसकी जानकारी होगी बल्कि इससे आपको ये भी पता चलेगा की कौन सी योजना मे कितने का बजट आया था और कितना बजट से उस योजना का कार्य सम्पन्न हुआ है। मतलब आपको बजट पास होने से लेकर कार्य सम्पूर्ण होने तक का पूरा हिसाब मिल जाएगा बस थोड़ी सी जानकारी मे। उदाहरण के रूप मे मान लेते है कि
गांव में सड़क बनी, नाली का निर्माण हुआ, पंचायत भवन की मरम्मत हुई या किसी अन्य विकास कार्य पर पैसा खर्च किया गया। लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि इन कामों के लिए ग्राम पंचायत को कितना पैसा मिला और वास्तव में कितना खर्च हुआ?
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी केवल पंचायत कार्यालय तक सीमित नहीं है। कई सरकारी पोर्टल पर पंचायतों से संबंधित वित्तीय और विकास कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आम नागरिक इन रिकॉर्ड को देखकर अपने गांव में हुए विकास कार्यों की जानकारी समझ सकता है।
ग्राम पंचायत को पैसा कहां से मिलता है?
ग्राम पंचायत को अलग-अलग सरकारी योजनाओं और वित्तीय स्रोतों के माध्यम से धन प्राप्त हो सकता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध धन शामिल हो सकता है।
उदाहरण के लिए गांव में पेयजल, स्वच्छता, सड़क, नाली, पंचायत भवन, स्ट्रीट लाइट या अन्य विकास कार्यों से संबंधित योजनाएं अलग-अलग विभागों और कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित हो सकती हैं।
किसी पंचायत की आर्थिक स्थिति समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि पैसा किस योजना, मद या कार्य के लिए दर्ज किया गया है।
इसलिए केवल पंचायत के खाते में आई कुल राशि देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि पूरी राशि किसी एक विकास कार्य पर खर्च हुई है।
अपने गांव की ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड कैसे देखें?
सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत की क्रमानुसार सही जानकारी नोट करें एकदम इसी क्रम मे आपको जानकारी निकालनी है।
- राज्य
- जिला
- विकासखंड/ब्लॉक
- ग्राम पंचायत
उसके बाद आपको E-GRAMSWARAJ की साइट पर चले जाना है जो कुछ ऐसा दिखाई देगा।
इसके बाद संबंधित सरकारी पंचायत या ग्रामीण विकास पोर्टल पर पंचायत से जुड़ी उपलब्ध जानकारी खोजी जा सकती है।
इस चित्र मे दाये तरफ वित्तीय वर्ष चुनने का विकल्प दिया गया है जिस वर्ष की जानकारी लेनी हो संबंधित वर्ष का चयन करें। इसके बाद आपको अपना प्रदेश चुनना है जैसे
उत्तर प्रदेश, फिर उसके बाद फिर अपने जनपद मतलब जिला चुनना है, अंत मे आपको अपने ब्लॉक की जानकारी देनी होगी। ये सब जानकारी देने के बाद आपको आवेदन पर क्लिक करना है जैसे ही आप आवेदन पर क्लिक करेंगे आपके सामने पूरा डैश्बोर्ड खुलकर सामने या जाएगा । जिसमे आप अपने ग्राम सभा मे ग्राम प्रधान द्वारा किए जाने कार्य की गतिविधियों की जानकारी मिल जाएगी।
आवेदन करने के बाद आपने सामने ये डैश्बोर्ड खुलकर सामने आएगा। अब आपको ये देखना है।
आपको कौन सी जानकी चाहिए। ऊपर चित्र मे चार प्रकार की गतिविधिया है जैसे
- लोकप्रिय गतिविधियां,
- कम चुनी गई गतिविधिया
- हाल ही मे स्वीकृत गतिविधियां और
- अंत मे हाल ही मे बनाई गई गतिविधियां दिखाई देंगी।
अब आपको जिसकी जानकारी चाहिए उस पर नीचे देखे का ऑप्शन है उस पर क्लिक करे ।
जैसे आपको योजनाए देखनी है तो चित्र मे अंतिम वाले मे सभी योजनाओ को देखे पर क्लिक करे।
रिकॉर्ड में पंचायत के विकास कार्य, स्वीकृत राशि, भुगतान या अन्य वित्तीय विवरण दिखाई दे सकते हैं।
ध्यान रखें कि सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध विकल्प राज्य और पोर्टल के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
रिकॉर्ड में किन चीजों को देखें?
पंचायत का रिकॉर्ड देखने के बाद केवल कुल राशि पर ध्यान न दें। इन जानकारियों को अलग-अलग समझें:
1. कार्य का नाम: पैसा किस काम के लिए दर्ज है?
2. स्वीकृत राशि: कार्य के लिए कितनी राशि स्वीकृत बताई गई है?
3. भुगतान राशि: अब तक कितना भुगतान दर्ज है?
4. कार्य की स्थिति: काम पूरा, प्रगति पर या किसी अन्य स्थिति में दर्ज है?
5. वित्तीय वर्ष: रिकॉर्ड किस वर्ष का है?
6. योजना या मद: पैसा किस योजना या सरकारी मद से संबंधित है?
इन सभी जानकारियों को समझने के बाद ही पंचायत के खर्च की सही तस्वीर सामने आती है।
स्वीकृत राशि और खर्च की राशि एक जैसी होना जरूरी नहीं
यह एक महत्वपूर्ण बात है जिसे समझना जरूरी है।
मान लीजिए किसी विकास कार्य के लिए रिकॉर्ड में ₹2 लाख की स्वीकृत राशि दिखाई देती है। इसका अर्थ यह जरूरी नहीं है कि उसी समय ₹2 लाख का पूरा भुगतान भी हो चुका है।
स्वीकृत राशि, कार्य की लागत और वास्तविक भुगतान अलग-अलग चीजें हो सकती हैं। इसलिए किसी खबर या सोशल मीडिया पोस्ट में केवल एक आंकड़ा देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय संबंधित रिकॉर्ड को पूरा पढ़ना चाहिए।
सरकारी रिकॉर्ड और जमीन पर स्थिति की तुलना कैसे करें?
यदि आप अपने गांव के किसी विकास कार्य की जानकारी देख रहे हैं तो ऑनलाइन रिकॉर्ड के साथ वास्तविक स्थिति भी देख सकते हैं।
उदाहरण के लिए रिकॉर्ड में सड़क निर्माण दर्ज है तो यह देखा जा सकता है कि सड़क वास्तव में बनी है या नहीं। इसी तरह नाली, पंचायत भवन, पेयजल व्यवस्था या अन्य सार्वजनिक कार्यों की स्थिति भी मौके पर देखी जा सकती है।
यदि रिकॉर्ड और जमीन पर दिखाई देने वाली स्थिति में अंतर नजर आए तो उसे तुरंत भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। पहले संबंधित दस्तावेज, भुगतान की स्थिति, कार्य की समयसीमा और संबंधित विभाग या अधिकारी का पक्ष समझना जरूरी है।
जानकारी उपलब्ध नहीं हो तो RTI का विकल्प
यदि किसी सार्वजनिक कार्य से संबंधित आवश्यक जानकारी सामान्य सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है, तो नागरिक सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण से उपलब्ध रिकॉर्ड की जानकारी मांग सकता है।
RTI में सवाल स्पष्ट और रिकॉर्ड आधारित रखना बेहतर होता है। उदाहरण के लिए किसी विशेष विकास कार्य की स्वीकृति, अनुमान, भुगतान या कार्य पूर्णता से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी मांगी जा सकती है।
पंचायत की जानकारी देखते समय इन गलतियों से बचें
ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी प्रकाशित या साझा करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
- पुराने और नए वित्तीय वर्ष के आंकड़ों को आपस में न मिलाएं।
- स्वीकृत राशि को सीधे खर्च की राशि न बताएं।
- केवल सोशल मीडिया पोस्ट को प्रमाण न मानें।
- किसी व्यक्ति पर बिना प्रमाण आरोप न लगाएं।
- सरकारी रिकॉर्ड का स्क्रीनशॉट या स्रोत सुरक्षित रखें।
- संभव हो तो महत्वपूर्ण जानकारी को दूसरे आधिकारिक रिकॉर्ड से भी मिलाएं।
आम नागरिक के लिए यह जानकारी क्यों महत्वपूर्ण है?
ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड को समझना नागरिकों के लिए उपयोगी है। इससे लोग यह जान सकते हैं कि उनके क्षेत्र में किन योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है।
निष्कर्ष
ग्राम पंचायत का पैसा और विकास कार्यों की जानकारी समझने के लिए किसी एक आंकड़े पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पंचायत का नाम, वित्तीय वर्ष, योजना, स्वीकृत राशि, भुगतान और कार्य की स्थिति जैसी जानकारियों को एक साथ देखकर ही सही तस्वीर समझी जा सकती है।
अगर आप अपने गांव की पंचायत की जानकारी जानना चाहते हैं, तो सबसे पहले सही ग्राम पंचायत की पहचान करें और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड को ध्यान से देखें। जहां जानकारी स्पष्ट न हो, वहां संबंधित सरकारी कार्यालय या RTI जैसे आधिकारिक माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
ग्राम पंचायत का पैसा कैसे देखें?
अपने राज्य के संबंधित आधिकारिक पंचायत/ग्रामीण विकास पोर्टल पर ग्राम पंचायत का नाम, जिला और ब्लॉक चुनकर उपलब्ध रिकॉर्ड देखा जा सकता है।
क्या ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी ऑनलाइन मिल सकती है?
कई मामलों में विकास कार्यों और वित्तीय जानकारी का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होता है। उपलब्ध जानकारी राज्य और संबंधित सरकारी पोर्टल पर निर्भर करती है।
क्या स्वीकृत राशि ही खर्च की गई राशि होती है?
नहीं। स्वीकृत राशि और वास्तविक भुगतान अलग-अलग हो सकते हैं। रिकॉर्ड में दोनों की स्थिति अलग-अलग जांचनी चाहिए।
पंचायत की जानकारी नहीं मिले तो क्या करें?
संबंधित ग्राम पंचायत/विकास विभाग के कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के लिए RTI का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आपके कमेंट के लिए धन्यवाद! मैं हर कमेंट को पढ़ता हू और 24 घंटों के भीतर व्यक्तिगत रूप से जवाब देने की कोशिश करता हूँ। कृपया स्पैम या अन्य वेबसाइटों के लिंक से बचें। हम एक रचनात्मक और सभ्य बहस को प्रोत्साहित करते हैं। अगर आपके पास हमारे, हमारे वेबसाइट या फिर मेरे दिए हुए पोस्ट्स से संबंद्धित कोई सुझाव या शिकायत है तो बेझिझक कहे, उसको अपने न्यूज़ पोर्टल का हिस्सा बनाने की पूरी कोशिश की जाएगी ! धन्यवाद