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UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 40 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट

 उत्तर प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 40 से अधिक जिलों में बारिश के आसार


लखनऊ/अंबेडकरनगर । उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम अपनी करवाते बदल रहा है । मौसम विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट मे बताया गया है कि  सितंबर के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 सितंबर से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश के आसार हैं। अगले 48 घंटे में प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग का अनुमान 

रिपोर्ट के अनुसार मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार यह बारिश केवल एक-दो दिन तक सीमित नहीं रह सकती। रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 28 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

लखनऊ में भी बुधवार से बादलों की आवाजाही बढ़ने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बताई गई है। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार अधिकतम तापमान में लगभग 3  डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। लेकिन अन्नदाता किसान की धान की फसल जिसमे बालियाँ या चुकी है उसके लिए ये मौसम काफी नुकसान दायक हो सकता है। जिससे किसानो को इस बात की चिंता है। 

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर

मौसम विभाग के रिपोर्ट के अनुसार इस प्रकार मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से नमी वाली हवाओं की सक्रियता बढ़ सकती है और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल तथा वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश पर इसका प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। इसलिए खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण

सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश का कृषि क्षेत्र पर भी प्रभाव पड़ सकता है। जिन किसानों की खरीफ फसल खेतों में है, उनके लिए बारिश की मात्रा और स्थानीय स्थिति महत्वपूर्ण होगी। वहीं जिन क्षेत्रों में खेतों में पानी पहले से जमा है, वहां अतिरिक्त बारिश जलभराव की समस्या बढ़ा सकती है।

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अब तक वर्षा सामान्य से कुछ कम रही है। उपलब्ध मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से लगभग छह प्रतिशत कम दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 11 प्रतिशत बताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से अंतर काफी कम रहा है।


मानसून की वापसी कब?

सितंबर के अंत तक मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू होने लगती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्यतः 28 से 30 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी होती है, जबकि लखनऊ सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य वापसी की तारीख लगभग 4 अक्टूबर मानी जाती है। हालांकि वास्तविक वापसी मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

इसलिए सितंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली बारिश को मानसून की विदाई से पहले की महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है।

लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

बारिश के मौसम मे जहां एक तरफ आनंद भी आता है वही दूसरी तरफ सावधानी भी बरतनी चाहिए । जैसे बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के समय पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए और संभव हो तो सुरक्षित भवन के अंदर रहना चाहिए। किसानों को भी मौसम के स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए तथा कटाई या खेत से जुड़ा काम मौसम की स्थिति देखकर करना चाहिए।

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