लखनऊ में स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिलने के बाद प्रदेशभर में अलर्ट
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को बलरामपुर अस्पताल में दो नए मरीजों के H1N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पूर्व गुरुवार को इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला की इसी बीमारी से मौत हो गई थी, जो इस सीजन में राज्य की पहली मौत है। बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
नए मामले और मौत के बाद हड़कंप
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. बी.के.एस. चौहान ने बताया कि दोनों नए मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है।
राजधानी में स्वाइन फ्लू की पहली मौत ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 50 वर्षीय महिला को 25 अगस्त को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि महिला को 4-5 दिन पहले सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था। मौत के बाद महिला के संपर्क में आए सभी लोगों को निगरानी में रखा गया है।
प्रदेशभर में बढ़ते मामले
स्वाइन फ्लू का प्रकोप सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 551 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं, जो 57 जिलों में फैले हैं। गौतम बुद्ध नगर में 189, लखनऊ में 113, मेरठ में 54 और गाजियाबाद में 32 मामले हैं। 25 अगस्त तक 364 मामले थे, जो अब बढ़कर 551 हो गए हैं।
सरकार का अलर्ट और तैयारियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने HOPE सेंटर के माध्यम से अस्पतालों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बाराबंकी, श्रावस्ती, झांसी और गोरखपुर की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया गया।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम
सभी जिला अस्पतालों में 4-6 आइसोलेशन बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक मामलों वाले जिलों में अलग ओपीडी संचालित करने का निर्देश दिया गया है। बुखार और फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर बनाए जाएंगे। नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बचाव के उपाय और सतर्कता
लोगों को सलाह दी गई है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।
सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सर्दी, सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान शामिल हैं। सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द गंभीर संकेत हैं।
संक्रमण से बचने के लिए साबुन से हाथ धोएं, खांसते-छींकते समय रुमाल का उपयोग करें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें और बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि H1N1 वायरस कोई नया म्यूटेंट नहीं है, बल्कि 2025 से फैल रहा मौसमी स्ट्रेन है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
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