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Saharanpur News: पुरानी इमारत का मलबा हटाते समय मिला करीब 20 फीट गहरा कुआं, ASI करेगी जांच

Saharanpur News: पुरानी इमारत का मलबा हटाते समय मिला करीब 20 फीट गहरा कुआं, ASI करेगी जांच

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में एक पुराने ढांचे का मलबा हटाने के दौरान करीब 20 फीट गहरा कुआं मिलने से प्रशासन का ध्यान इस ओर गया है। अधिकारियों के अनुसार कुएं की सटीक उम्र और ऐतिहासिक महत्व का पता पुरातात्विक विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा।


मलबा हटाने के दौरान सामने आया कुआं

रविवार सुबह मजदूर पुराने ढांचे का मलबा साफ कर रहे थे। इसी दौरान जमीन के नीचे एक स्लैब दिखाई दिया।
स्लैब को कटर की मदद से हटाया गया तो उसके नीचे कुआं मिला। अधिकारियों के अनुसार कुएं की गहराई करीब 20 फीट और चौड़ाई लगभग डेढ़ मीटर है।
कुएं के सामने आने के बाद सहारनपुर के उपजिलाधिकारी सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को इसकी जानकारी दी गई।

करीब 100 साल पुराना होने का अनुमान

अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि कुआं लगभग एक सदी पुराना हो सकता है। हालांकि इसे अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है।
इसकी वास्तविक उम्र, निर्माण का समय और ऐतिहासिक महत्व विशेषज्ञों की जांच के बाद ही तय किया जाएगा।
पुराने समय में पाइप से पानी की आपूर्ति आम नहीं थी। ऐसे में कुएं लोगों के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत हुआ करते थे। धार्मिक स्थलों के आसपास भी पानी की जरूरतों के लिए कुएं बनाए जाने की परंपरा रही है।

सुरक्षा के लिए ढका गया कुआं

फिलहाल प्रशासन ने कुएं को लोहे की चादर से ढक दिया है, ताकि उसमें मिट्टी या मलबा न गिरे और किसी तरह की दुर्घटना न हो।
मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी जारी है और लोगों को घटनास्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

विवादित ढांचे से जुड़ा मामला

यह कुआं जिस स्थान पर मिला है, वहां एक मस्जिद के ढांचे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। प्रशासन ने उस ढांचे को अनधिकृत बताते हुए कार्रवाई की थी। संबंधित प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया और अपील से जुड़े घटनाक्रम भी सामने आए हैं।
इस खबर में कुएं की ऐतिहासिकता को लेकर अभी कोई अंतिम दावा नहीं किया गया है। प्रशासन ने भी पुरातात्विक विशेषज्ञों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

आगे क्या होगा?

अब ASI या संबंधित पुरातात्विक विशेषज्ञ कुएं की संरचना, निर्माण शैली और अन्य उपलब्ध संकेतों का अध्ययन कर सकते हैं। इसके बाद यह पता चल सकेगा कि कुआं किस दौर का है और उसका मूल उपयोग क्या रहा होगा।
अगर जांच में ऐतिहासिक महत्व सामने आता है तो यह स्थल सहारनपुर के इतिहास और पुरानी जल व्यवस्था के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।



निष्कर्ष: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मलबा हटाने के दौरान मिला करीब 20 फीट गहरा कुआं फिलहाल जांच का विषय है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की है और ASI को इसकी उम्र एवं ऐतिहासिक महत्व का पता लगाने के लिए सूचना दी गई है।

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