दिल्ली :- बारिश के मौसम में ऐसी कई प्रकार के खबरें सामने आती रहती है जिसमें कई लोगों के फंसे होने या फिर मौत होने की आशंका जताई जाती है ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आ रहा है। जानकारी के अनुसार यह मामला दक्षिण दिल्ली की सत्य निकेतन इलाके की है जहां पर एक इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिसमें कई लोगों के इस मेल में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है इसके बाद वहां के निवासियों द्वारा स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर मौके से पुलिस और फायर ब्रिगेड गड़े की कई गाड़ियां वहां पर पहुंची। जिससे तुरंत राहत और बचाव का कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलने पर वहां के स्थानीय पुलिस और कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वहां पर पहुंचकर रहा तो बचाव का कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार जानकारी मिलने पर बताया गया कि दिल्ली साउथ केंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारा के पास दोपहर करीब 1:34 बजे एक इमारत गिरने की सूचना मिली। जिस पर सेट एंबुलेंस और एन इमरजेंसी सेवाएं मौके पर मौजूद रहे साथ में एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच कर रहा था बचाव का कार्य शुरू कर दिया है मलबे में फंसे होने का उचित आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन तीन लोगों को गंभीर हालत में एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
नेताओं और मंत्रियों ने घटना पर व्यक्त किया शोक संवेदना
दिल्ली सरकार के सत्ता पक्ष कई नेताओं और मंत्रियों ने इस घटना पर शोक संवेदना व्यक्त किया साथ में विपक्ष दल के भी कई नेताओं ने इस घटना पर शोक प्राप्त किया है। सत्ता पक्ष मंत्रियों का कहना है कि राहत का बचाव कर जा रही है और सरकार भाई की से नजर रख रही है और संबंधित तीनों को निर्देशित किया है कि वह इस घटना स्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने में कोई कमी ना करें।
यह भी जानकारी है कि इस बिल्डिंग में एक ग चल रहा था जिसकी वजह से काफी लोग वहां इकट्ठा हुए थे जिसमें कई छात्रों के दबाव होने की आशंका है फिलहाल रासपुतिन के साथ-साथ अन्य स्थानीय लोग भी मलवा हटाने और लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।
विधायक अनिल शर्मा दुर्घटना स्थल का लिया जायजा, दिया आश्वाशन
दिल्ली के आर के पुरम के विधायक अनिल शर्मा में दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह बहुत ही दर्दनाक और दुखद घटनाएं यह दिल को दहला देने वाली घटना है कई जगह से इस बिल्डिंग में पीजी में पढ़ने आते थे मौजूद थे।
उन्होंने अभी बताया है कि एनडीआरएफ और एमसीडी में दो स्टूडेंट को पहले ही बचा लिया है और अभी भी कुछ स्टूडेंट अंदर से कॉल भी कर रहे थे जिससे साबित होता है कि अभी भी कुछ और लोग भी अंदर फंसे हुए जिससे बचाव का काम जारी है।
उन्होंने अभी बताया है कि एनडीआरएफ और एमसीडी में दो स्टूडेंट को पहले ही बचा लिया है और अभी भी कुछ स्टूडेंट अंदर से कॉल भी कर रहे थे जिससे साबित होता है कि अभी भी कुछ और लोग भी अंदर फंसे हुए जिससे बचाव का काम जारी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यक्त की संवेदना
वही दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस हादसे पर शोक संवेदना व्रत की उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं दौरान आसपास कोई और घटना ना हो इससे सावधानी के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली कर दिया गया। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया की प्रभावित परिवारों को हर प्रकार की मदद देने की हर कोशिश की जा रही है, फिलहाल इस घटना पर करीबी से नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसी में मिलकर काम कर रही है। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी और हमारी सरकार की प्रथम जिम्मेदारी है इससे हम पीछे नहीं हटेंगे।
एनएसयूआई ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट कर दिखाई गुस्सा
वहीं दूसरी तरफ इस घटना पर एनएसयू का सरकार पर गुस्सा फूटा है। एनएसयूआई ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया गया है इस घटना को लेकर किसने कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। आगे आगे लिखा गया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार तुरंत युद्ध स्तर पर राहत बचाव कार्य चलाएं हर छात्र और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकले साथ में इस संवेदनशील घटना की निष्पक्ष जांच कर कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो छात्रों की बात करने के लिए बड़े-बड़े मंचों पर भी चले जाते हैं लेकिन वही जब छात्रों को सुरक्षा और जिंदगी का सवाल आता है तो सरकार इस बात को भूल जाती है की जो मन की बात करते हैं परीक्षा पर चर्चा करते हुए वह किसके लिए करते हैं आखिर कब तक इस लापरवाही की कीमत छात्र अपनी जान देकर चुराते रहेंगे।

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