अम्बेडकरनगर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को पूरे देश के साथ जनपद अम्बेडकर नगर में भी 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पूरी श्रद्धा और संवेदनशीलता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर से विकास भवन तक एक भावपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में मा. जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, विकास भवन के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए सभी ने विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लाखों निर्दोष लोगों को नमन किया और शांति, भाईचारे व राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
कलेक्ट्रेट से शुरू होकर विकास भवन तक गूंजा एकता का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत शाम लगभग 6:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर से हुई। जिलाधिकारी के नेतृत्व में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कैंडल मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मार्च कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार से होते हुए, जिला पंचायत कार्यालय मार्ग से गुजरता हुआ विकास भवन परिसर में समाप्त हुआ। पूरे रास्ते "राष्ट्रीय एकता जिंदाबाद", "शांति और भाईचारा बना रहे" के नारों के बीच माहौल पूरी तरह गमगीन और देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े लोगों ने भी मोमबत्तियां जलाकर इस मार्च का समर्थन किया।
विकास भवन पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक संक्षिप्त सभा का आयोजन किया गया, जहां विभाजन की विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी में 1947 के विभाजन के दौरान के दुर्लभ चित्र, समाचार पत्रों की कतरनें और विस्थापित परिवारों की पीड़ा को दर्शाते दस्तावेज प्रदर्शित किए गए, जिसे देखकर कई लोग भावुक हो गए।
जनप्रतिनिधियों ने कहा - विभाजन का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता

इस अवसर पर मौजूद मा. जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि 14 अगस्त का दिन भारतीय इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले देश का विभाजन हुआ, जिसमें लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा, लाखों की जान गई और असंख्य महिलाओं और बच्चों ने अकथनीय यातनाएं झेलीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर और गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद हर साल 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि नई पीढ़ी उस दर्द को समझ सके और देश की एकता को बनाए रखने का संकल्प ले सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर इस वर्ष भी प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह दिवस मनाया जा रहा है। 8da3
प्रशासन ने दिलाया एकता का संकल्प
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों के बलिदान को याद करने का दिन है जिन्होंने अपने प्राण गंवाए। उन्होंने कहा कि हमें इस त्रासदी से सबक लेना चाहिए कि नफरत और द्वेष किस तरह एक देश को तोड़ सकते हैं। आज हमें शांति, सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने एक साथ मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया है। जैसे कौशांबी और बलिया सहित अन्य जनपदों में भी कलेक्ट्रेट सभागार और प्रेक्षागृह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, वैसे ही अम्बेडकर नगर में भी हम सबने मिलकर यह संकल्प लिया है कि हम समाज में किसी भी तरह के भेदभाव को पनपने नहीं देंगे।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। विभाजन के समय जो हिंसा और अराजकता फैली, वैसी स्थिति दोबारा कभी न आए, इसके लिए हमें सतर्क रहना होगा और अफवाहों से बचना होगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कैंडल मार्च में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित कलेक्ट्रेट और विकास भवन के सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे। इसके अलावा नगर पालिका अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य, एनसी कैडेट्स और स्कूली बच्चों ने भी प्रतिभाग किया।

मार्च के समापन पर सभी ने हाथ में मोमबत्ती लेकर राष्ट्रगान गाया और यह शपथ ली कि हम देश की अखंडता और एकता को बनाए रखेंगे, समाज में प्रेम और भाईचारा फैलाएंगे और विभाजन की उस पीड़ा को कभी नहीं भूलेंगे जिसने लाखों परिवारों को उजाड़ दिया था।
जिला प्रशासन ने बताया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी जनपद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हर घर तिरंगा अभियान और विभाजन विभीषिका पर आधारित संगोष्ठी मुख्य रूप से शामिल हैं।
कपिल देव विश्वकर्मा
9519364890
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