वाराणसी: गंगा का बढ़ा जलस्तर, बारिश से अफरा-तफरी
पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। बीएचयू स्थित घाटों से लेकर दशाश्वमेध घाट तक पानी फैल गया है। हालांकि मंगलवार सुबह जलस्तर धीरे-धीरे घटकर 69.34 मीटर पर आ गया है, लेकिन अभी भी शहर के करीब 98 प्रतिशत घाट पूरी तरह जलमग्न हैं। इससे भक्तों और पर्यटकों को गंगा स्नान में बहुत परेशानी हो रही है।
नमो घाट और प्रमुख घाटों की स्थिति
नमो घाट तो पूरी तरह पानी में गायब हो गया है, वहीं अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर पानी का स्तर थोड़ा नीचे उतरा दिख रहा है, लेकिन इन पर कई फुट मोटी कीचड़ (सिल्ट) जमा हो गई है। इस कीचड़ को हटाना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मशीनों और श्रमिकों की कमी के कारण सफाई अभियान में देरी हो रही है, जिससे घाटों पर बदबू और संक्रमण फैलने का डर पैदा हो गया है।
आवासीय कालोनियां जलमग्न
नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे बड़ा असर चितईपुर, अवलेशपुर, कंदवा, सुसुवाही, शिवपुरवा, लोहता, विवेकानंदपुरम कॉलोनी, गणेशपुरी और जयप्रकाश नगर में देखने को मिला। इन मोहल्लों के घरों और दुकानों में पानी भर गया है। राहत बचाव दल की नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया है।
शहर में भीषण ट्रैफिक जाम
मौसम साफ होने पर जैसे ही लोग घरों से बाहर निकले, वैसे ही शहर की प्रमुख सड़कों पर अव्यवस्था हावी हो गई। गोदौलिया, चौक, सिगरा और बड़ा लालपुर क्षेत्रों में सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं। एंबुलेंस और स्कूली बसें फंसी रहीं, जिससे मरीजों और छात्रों को भारी परेशानी हुई। ट्रैफिक पुलिस ने अल्टरनेट रूट जारी किए लेकिन लोगों को काफी देर तक जाम में फंसना पड़ा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में वाराणसी में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर बारिश तेज हुई तो जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घाटों की तरफ न जाएं और तटीय इलाकों से सावधानी बरतें।
जल निकासी की चुनौती
नगर निगम जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने में जुटा है लेकिन पुरानी ड्रेनेज प्रणाली पानी को तेजी से बाहर नहीं निकाल पा रही है। पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और बाढ़ पीड़ितों को भोजन व दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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